एक दिन, प्रिया ने राधा को फोन किया और कहा कि वह अगले सप्ताह गाँव आएगी। राधा बहुत खुश हुई और प्रिया के आने का इंतजार करने लगी।
राधा ने मुस्कराते हुए कहा, "बेटी, तुम मेरी मदद करने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारी देखभाल करने के लिए यहाँ हूँ। लेकिन अगर तुम मेरी मदद करना चाहती हो, तो तुम मेरे साथ काम कर सकती हो।" mom with daughter story antarvasna hindi best
अमृता बचपन से ही सवालों की गठरी लेकर बड़ी हुई। स्कूल के बाद वह साहित्य की पढ़ाई में डूबी रही, किताबों ने उसे असीम संभावनाएँ दिखाईं—वह जानना चाहती थी, देखना चाहती थी, अनुभव करना चाहती थी। पर माँ चाहती थी कि वह घर की जिम्मेदारियाँ संभाले, पारंपरिक राह चुने। दोनों के बीच खामोशी से बँटी हुई हुई नसें थीं—न शब्द, न वाद-विवाद। केवल कभी-कभी की टोकियाँ, चुप विचार, और गीली आंखें। देखना चाहती थी
एक छोटे से गाँव में एक माँ और बेटी रहते थे। माँ का नाम सरला था और बेटी का नाम रिया। वे दोनों एक दूसरे के साथ बहुत प्यार करते थे। mom with daughter story antarvasna hindi best